कोर्ट: बिल्डर ने समय से फ्लैट नहीं दिया तो ग्राहक को पूरा रिफंड पाने का हक

14 November 2019 | 2.37 PM पंजाब के राज्य उपभोक्ता आयोग ने घर खरीदारों के पक्ष में एक अहम फैसला सुनाया है. उसने कहा है कि अगर बिल्डर समय पर फ्लैट का पजेशन देने में नाकाम रहता है, तो ग्राहक को बाद में किसी भी स्थिति में इसके लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है. यानी यह पूरी तरह से ग्राहक पर निर्भर करेगा कि वह पजेशन ले या नहीं ले. इतना ही नहीं, ग्राहक को उचित ब्याज के साथ पूरी रकम का रिफंड लेने का भी हक है. आयोग ने चंडीगढ़ के एक दंपति की शिकायत पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया. आयोग का फैसला एटीएस ए



अफोर्डेबल के बाद प्रीमियम क्लास होम बायर्स को छूट देने की तैयारी, जानिए कितना होगा फायदा?

1 November 2019 | 2.46 PM नई दिल्ली अफोर्डेबल हाउस बायर्स के बाद अब सरकार प्रीमियम क्लास होम बायर्स को छूट देने की तैयारी कर रही है। यह छूट अपना पहला घर खरीदने वाले होम बायर्स को दी जाएगी और यह अगले साल यानी अप्रैल 2020 से मार्च 2021 के बीच अपना पहला मकान खरीदने वालों को दी जाएगी। इसका मतलब है कि अगर आप 1 अप्रैल, 2020 से 31 मार्च, 2021 के बीच घर खरीदते हैं तो आप इस छूट का फायदा उठा सकेंगे। सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव पर पीएमओ और वित्त मंत्रालय में सहमति बन चुकी है। वित्त मंत्रालय चाहता है क



अब जमीनों को मिलेगा आधार जैसा यूनीक आइडेंटिटी नंबर

18 September 2019 | 12.00 PM देश में जमीन को जल्द ही एक यूनीक आइडेंटिटी नंबर दिया जाएगा. इस कदम से जमीन के मालिकाना हक में गड़बड़ी की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी. ग्रामीण विकास मंत्रालय ने स्टैंडर्ड यूनीक लैंड पार्सल नंबर के सिस्टम पर काम शुरू कर दिया है. एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि यह नंबर सर्वे किए गए हर एक प्लॉट को दिया जाएगा. यूनीक आइडेंटिटी नंबर में प्लॉट के साइज और मालिकाना हक के विवरणों सहित राज्य, जिला, तहसील, तालुका, ब्लॉक और सड़क की जानकारी होगी. अधिकारी ने कहा कि यूनीक



रेरा के अंतर्गत मकान खरीदार बिल्डर्स के खिलाफ आसानी से दर्ज करा सकते हैं अपनी शिकायत:

3 August 2019 | 2.23 PM नई दिल्ली प्रोजेक्ट डिलीवरी में देरी के अलावा बायर्स को फ्लैट से जुड़ी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जैसे, निर्माण के प्लान में तब्दीली, अतिरिक्त फीस की वसूली, पार्किंग स्पेस, स्टोरेज स्पेस या एलीवेटर जैसी सुविधाएं न मिलना। अगर आप भी बायर हैं और आप भी ऐसा कोई इशू फेस कर रहे हैं, तो आप रेरा (Real Estate Regulation and Development Act, RERA) के तहत अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। ऐसे दर्ज कराएं शिकायत -एक्ट के मुताबिक, किसी डेवलपर, बिल्डर या रियल एस्टेट एजेंट के खिलाफ



घर खरीदने से बेहतर है किराये पर रहना, EMI के पैसे से बना सकते है करोड़ो का फंड:

17 July 2019 | 11.26 AM नई दिल्ली: बीते कुछ सालों से रियल एस्टेट में किया गया निवेश घाटे का सौदा साबित हो रहा है या बेहद कम रिटर्न मिल रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या लाखों रुपए का कर्ज लेकर घर खरीदना और हर महीने हजारों रुपए का ईएमआई का बोझ अपने सिर पर लेना फायदे का सौदा है या फिर मंदी के इस दौर में रेंट पर ही घर लेना चाहिए। हम आपको निवेश की ऐसी स्ट्रैटजी के बारे में बता रहे हैं, जिसमें आप रेंट पर रहते हुए संभावित ईएमआई की बचत करके 20 साल में 1.38 करोड़ रुपए का फंड तैयार कर सकते हैं। औसतन



अपनी मर्जी से किराया नहीं बढ़ा सकेंगे मकान मालिक, केंद्र सरकार ने मॉडल रेंटल एक्ट का ड्राफ्ट किया तैयार:

11 July 2019 | 2.25 PM नई दिल्ली: मकान मालिकों और किराएदारों के बीच होने वाले विवादों को कम करने और ज्यादा से ज्यादा संपत्तियों को किराए पर देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने मॉडल रेंटल एक्ट का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इस ड्राफ्ट में मकान मालिक और किराएदार दोनों के हितों का ख्याल रखा गया है। दो महीने से ज्यादा का एडवांस किराया नहीं ले सकेंगे मकान मालिक मॉडल किराएदारी एक्ट के ड्राफ्ट में सिक्युरिटी एडवांस पर पाबंदी लगाई गई है। ड्राफ्ट के अनुसार, कोई भी मकान मालिक दो महीने से ज्यादा का किराया